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सोमवार, 16 मई 2011

लोगों का सिरदर्द बने फेरीवाले और भिखारी

भाई मिर्लेकर / मुंबई
मुंबई के उपनगर अँधेरी और जोगेश्वरी में फेरीवालों और भिखारियों के अतिक्रमण से स्थानीय रहिवासी काफी त्रस्त हो गए हैं। अतिक्रमण करनेवालों पर मनपा व पुलिस कार्रवाई करने के बजाय उनको नजर अंदाज कर रहे हैं। जिसके चलते यहां सड़कों पर अतिक्रमण के कारण दिनभर ट्राफिक जाम लगा रहता है। प्रशासन के मुताबिक जोगेश्वरी के राहगिरों की सुविधा के लिए यहां स्कायवॉक बनाया जा रहा है। मगर लोगों की माने तो उस पर भी फेरीवाले अपना कब्जा कर बैठेंगे।
बतला दें कि मुंबई में जितने भी स्कायवॉक बने है, उस पर दिन में फेरीवाले धंधा करते नजर आते हैं तो रात में भिखारी सोते नजर आते हैं। इन अतिक्रमण करनेवालों से मुंबईकर हैरान हो चुके हैं। जबकि मनपा व पुलिस कार्रवाई करने कि बजाय उनसे ऐसा बर्ताव करते हैं कि मानो वे उनके सगे रिश्तेदार हो। यहां तक कि फेरीवालों  की दादागिरी इतनी बढ़ गई है कि मानो उनपर कोई अंकुश ही नहीं रहा। पुलिसवालों को रिश्वत देने के बाद वे समझते हैं कि कानून अब उनकी जेब में हैं। अंचभेवाली बात तो यह है कि जब मनपा में अतिक्रमण के खिलाफ शिकायत की जाए तो  जब कार्रवाई होती है, उसके पहले ही  फेरीवालों को पता चल जाता है कि कार्रवाई होनेवाली है। अत: अतिक्रमण की गाड़ी आने से ही लोग अपना धंधा समेट लेते है और गाड़ी चली जाने के बाद फिर से उसी तरह अपना डेरा जमा लेते हैं। स्थानीय लोगों के मुताबिक यहां स्कायवॉक बनने के बाद फेरीवालों के लिए सड़क पर धंधा करने का लाईसेंस मिल जाएगा। सड़क पर उनकी परमनंट जगह हो जाएगी।
गौरतलब है कि जोगेश्वरी पूर्व में स्थित बैरिस्टर नाथ पै चौक के पास अतिक्रमण से ट्राफिक जाम के चलते यहा पैदल चलना भी काफी मुश्किल है। जबकि फुटपाथ पर भिखारियों और केलेवालों ने कब्जा कर रखा है। वही दूसरी ओर रिक्शाचालक भी अपनी मनमानी करते हुए बीच सड़क पर ही रिक्शा रोक कर खड़े रहते हैं। जिससे चलनेवालें बूजुर्गों और छोटे बच्चो के साथ चलनेवाली महिलाओं को और भी मुसिबतों का सामना करना पड़ता है। पुलिसवालों के दिन में ५० रूपए भी टिका दिए तो फेरीवाले तो क्या रिक्शावाले भी अपनी मनमानी के लिए आ़जाद हो जाते हैं। जबकि देश को करोड़ों का टैक्स चुकानेवालें सिर्फ अपने कर्मो का फल भुगत रहे है।

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