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गुरुवार, 22 दिसंबर 2011

मां-बाप ही बच्चियों से करवाते हैं देह व्यवसाय



सुरक्षित नहीं लड़किया, सालाना १२८ बलात्कार, १२४ अपहरण
मुंबई शहर में इन दिनों देह व्यवसाय का काला बहुत फल-पुâल रहा है। जहां इस घिनौने बाजार में नाबालिग लड़कियों का बड़े पैमाने पर शोषण किया जा रहा है। पुलिस के मुताबिक हर महिने १०० करोड़ रूपए इस धंधे में उलाढाल हो रही हैं। देह व्यापार करनेवालों पर लगातार हो रही पुलिस की कार्रवाई से एक ऐसा काला सच सामने आया है कि पैसों की लालच में खुद गरीब अभिभावक ही अपनी लड़कियों को इस धंधे में धकेल रहे हैं। मगर इसके बावजूद शहर में बलात्कारों की घटनाओं में कमी नहीं आई। एक सूचना अधिकार के तहत मिली जानकारी के अनुसार मुंबई में अब भी सालाना १२८ बलात्कार और १२४ अपहरण के मामले हो रहे हैं।
पुलिस सुत्रों से मिली पक्की जानकारी के मुताबिक शहर में हर महिने एक हजार नाबालिग लड़कियां देह व्यापार के दलालों को बेची जा रही हैं। जबकि पैसों के लालच में खुद मां-बाप ही अपनी नाबालिग लड़कियों दलालों को हवाले कर रहे हैं। जहा उन्हें ऑक्सीटोसिन और हारमोन्स के इंजेक्शन देकर मर्दो के बिस्तर गर्म करने के लिए भेजा जाता है। सेक्स के इस व्यवसाय का वेंâद्र बने अंधेरी में हर जगह पर इस व्यवसाय में लिप्त दलालों कीr डिमांड है। उपरोक्त बातों की पुष्टी तब हुई जब कल सहार एयरपोर्ट पर ७ लड़कियों को देह व्यवसाय के लिए दुबई ले जाते हुए पुलिस ने गिरफ्तार किया। लड़कियों को दुबई ले जानेवाले दलाल शरीफ शेख के गिरफ्तारी के बाद पुलिस के सामने कई चौकानेवाले खुलासे सामने आए।
शरीफ शेख के बयान के मुताबिक खास तौर पर सेक्स के शौकीन १४ से १७ साल की लड़कियों की मांग करते है। जिसके लिए उन्हें ज्यादा रकम देनी पड़ती है। इस कारण देह व्यवसाय में नाबालिग लड़कियों का काला बाजार तेजी में है। सुत्रों की माने तो दलालों के अलावा कई पॉलिटिकल नेताओं और बड़े पुलिस अधिकारियों का भी इसमें हाथ है।  एसीपी वसंत ढोबले के मुताबिक नौकरी का लालच देकर वह युवक लड़कियों को दुबई ले जा रहा था। हिंदुस्थानी लड़कियों को दुबई में बेचने का बहुत बड़ा रैकेट मुंबई में होने की संभावना पुलिस ने व्यक्त की है। 
गौरतलब है कि एक समय मुंबई के काले बाजार में नेपाली और बांग्लादेशी लड़कियों का सबसे ज्यादा सौदा होता था। इन्स्पेक्टर संजय गोविलकर की माने तो अब उत्तर प्रदेश से लेकर राजस्थान और मध्य प्रदेश से ज्यादा नाबालिग लड़किया धोखे से लाई जा रही हैं। जबकि कुछ तो लड़कियों के मां-बाप भी इस व्यवसाय में लिप्त पाए गए। सामाजिक संस्था ’पे्ररणा’ की कार्यकर्ता प्रिती पाटकर ने जानकारी देते हुए बताया कि मध्य प्रदेश के सागर और रतलाम शहर में सबसे ज्यादा नाबालिग लड़कियों की खरेदी-बिक्री की जाती है। इस तरह से मुंबई में हर माह एक हजार लड़किया खरीदकर लाई जाती है। बता दे कि हालही में चेंबूर में छोटी बहन को ७० हजार रूपए में बेचनेवाले २० वर्षीय युवक  को पुलिस ने रंगे हाथ गिरफ्तार किया था। मगर चौकानेवाली बात तो यह रही कि कुछ ही दिनों के बाद फिर से लड़की के मां-बाप ने ही उसे बेच डाला। 
यह जरूरी नहीं कि नाबालिग लड़कियों का शोषण सिर्फ देहव्यवसाय की बदनाम गलियों में ही होता है। एक सर्वे के मुताबिक आज कहीं भी लड़कियां सुरक्षित नहीं है। मुंबई के जोगेश्वरी, अंधेरी, गोरेगांव, मानखुर्द, गोवंडी और शिवाजीनगर जैसे इलाकों में हर रोज एक नाबालिग बच्ची किसी न किसी भूखे भेड़ियों की बली चढ़ रही हैं। जिनमें १० में से एक ही मामला पुलिस तक पहुंचता है। एक सामजिक संस्था द्वारा सूचना अधिकार के तहत मिली जानकारी के मुताबिक मुंबई में नाबालिग लड़कियों पर होनेवाले बलात्कार की घटनाओं के आंकड़ो पर ऩजर डाले तो यह बात सामने आती हैं कि हर तीसरे दिन एक बच्ची का भविष्य उध्वस्त हो रहा है। . 
वर्ष  बलात्कार 
२००७  १२४ 
२००८  १४७ 
२००९  १२८ 
२०१०  १४० 
२०११  १२८

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