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गुरुवार, 11 फ़रवरी 2016

साईबर क्राईम को रोकने के लिए एक हजार मुफ्त सेमिनार


मुंबई। दुनियाभर में बढती सोशल वेबसाईटों की लोकप्रियता चरम पर होने के साथ साथ उसके जरिए बढते साईबर क्राईम भी चिंता का विषय बनते जा रहे हैं । वहीं मोबाईल तथा कम्प्यूटर हैकिंग के जरिए लोगों को ब्लैकमेलिंग तथा परेशान करने की वारदातों में इ़जाफा होना भी साईबर पुलिस का सिरदर्द बना हुआ है। ऐसे में इस साईबर क्राईम से बचने के लिए लोगों को जागरूक करने हेतु ’साईबर क्राईम रोक’ नामक संस्था ने देशभर में एक हजार से भी अधिक मुफ्त सेमिनार रखने का अभियान छेड़ा है। 
     मंगलवार को मुंबई प्रेस क्लब में आयोजित एक पत्रकार परिषद में जानकारी देते हुए संस्था के प्रमुख शैलेश जारिया ने बताया कि वे अपने इस अभियान में किसी से किसी भी तरह का अनुदान न लेते हुए सेवाभाव से जनजागृती अभियान चला रहे हैं। हालांकि जिस तरह साईबर पुलिस अपनी जिम्मेदारी बखुबी नहीं निभा रही है, उसी को देखते हुए उनका मकसद हैं कि देश में अधिक से अधिक लोग एथिकल हैकिंग के बारे में जानकर साईबर क्राईम को रोक लगा सके। उन्होंने लोगों को सलाह देते हुए कहा कि लोगों को चाहिए कि वे वाट्सएप के स्टेटस में अपनी कोई भी जानकारी न दे या अपनी सुंदर फोटो न लगाए। वहीं किसी भी सोशल मीडिया में भेजे गए भगवान या अल्लाह के मैसेज बिना सोचे समझे फॉरवर्ड न करे। ऐसा करना घातक हो सकता है और आप हैविंâग के शिकार हो सकते है। हालांकि लोगों को इंटरनेट से व्यस्त रखने के लिए कुछ सोशल साईटों का यह षडयंत्र हो सकता है। 
      पत्रकार परिषद में उनके साथ मौजूद एथिकल हैकर विनित जैन ने दर्शकों में से एक के मोबाईल को हैक कर प्रत्यक्ष रूप से बताया कि किस तरह आप भी मोबाईल हैकिंग के शिकार हो सकते है। बता दे कि कई साईबर क्राईम के शिकार आखिरकार मजबूर हो कर खुदकुशी का रास्ता अपना चुके है। इसलिए ’साईबर क्राईम रोक’ ने लोगों की मदद के लिए हेल्पलाईन नं ०९८३३२८३०३० की शुरूआत की है। जिसपर साईबर क्राईम से बचने के लिए तरकीबे बताई जा सकेगी। 

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