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सोमवार, 11 जुलाई 2016

झूठ बोल कर किया इमोशनल, बच्चियों ने बेवजह फंसाया कमलेश को



संवाददाता / मुंबई
       मॉडल बनने के लिए और मुंबई में पढाई करने के लिए भदोही से भागकर आई दोनों जुड़वा बच्चियों ने डांस इंडिया डांस टीवी शो के कमलेश पटेल को इमोशनल कर उनसे मदद मांगी थी। दोनों बच्चियों ने कहा था कि उनके टीचर पिता शराब पीकर उन्हें व उनकी मां के साथ मारपीट करते हैं। इस तरह की सफाई देते हुए डांसर कमलेश पटेल ने मीडिया को कहा कि उनका उन जुड़वा बच्चियों से कोई संबंध नहीं है। केवल इंसानियत एवं मदद की भावना से ही उन्हें एक एनजीओ के पास सहायता के लिए भेजा था। 

       बता दें कि दोनों बच्चियों को संदिग्ध रूप से मुंबई में लाने की घटना को लेकर ओशिवरा पुलिस ने कमलेश पटेल को शक के दायरे में रखा था। क्योंकि बयान के दौरान बच्चियों ने कमलेश का नाम लिया था। जब महिला पुलिस निरिक्षक आरती गवारे ने दोनों से कमलेश का मोबाईल नंबर मांगा तो उन्होंने देने से इनकार किया और टॉयलेट जाने के बहाने मोबाईल का सिम निकालकर टॉयलेट में ही फेंक दिया। इस वजह से पुलिस ने कमलेश को शक के दायरे में लिया था। मगर कमलेश के पुछताछ के बाद सारी बातों का खुलासा हुआ। हालांकि पिछले दो दिनों से मीडिया में वायरल हुई दोनों बच्चियों की खबर से विचलित हो उठे कमलेश पटेल ने खुद होकर मुंबई पुलिस एवं मिशन पत्रकारिता से संपर्क किया और अपनी सफाई देते हुए कहा कि उनका उन बच्चियों से कोई भी संबंध नहीं है। वे लायंस क्लब ऑफ भदोही वरोणा द्वारा भदोही में स्थित ग्रीन व्यू पब्लिक स्कूल में आयोजित एक मोटिवेशनल कार्यक्रम को संबोधित करने गए थे। वहां उन बच्चियों ने उनके साथ सेल्फि ली थी। उसके बाद कहीं से उन्होंने कमलेश का मोबाईल नंबर निकालकर उनसे संपर्क किया और कहा कि उनके पिता उन्हें पढाना नहीं चाहते और हररोज मारपीट करते हैं। इसके बाद अंधेरी के हम्माद नामक एक शख्स की मदद से वे दोनों घर से झूठ बोल कर भागी और उस वक्त अमेरिका में मौजूद कमलेश से संपर्क कर उनसे मदद मांगी और कहा कि उनके माता-पिता से उनके बारे में न कहे अन्यथा वे खुदकुशी कर लेगी। इस वजह से भावुक होकर कमलेश ने उनकी सहयोगी किरण शर्मा से संपर्क कर उनकी मदद करने को कहा और किरण ने मामला मिशन पत्रकारिता को सौंपा जिसके बाद पुलिस की मदद से उन्हें परिजनों को सौंपा गया। वहीं कमलेश ने अपने लिखित बयान में कहा हैं कि आगे की तहकीकात के लिए मुंबई पुलिस एवं मिशन पत्रकारिता की हर संभव सहायता के लिए हाजिर रहूंगा। 

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